~कॉलेज के सम्बन्ध में (About of College)~
उच्च शिक्षा जनित ज्ञान मानवीय व्यकतित्व को पूर्वता की ओर ले जाता है ! व्यक्ति ज्ञान सम्पन्न होकर समाज में सर्वोच्च आदर पाता है ! उच्च शिक्षा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता एवं उपलब्धि की द्वार खोलती है ! गोरखपुर मुख्यालय से 49 कि०मी० दूर पावननीरा सरयू एवं कुवानों के द्वाबा में स्थित अत्यंत पिछड़े साधनहीन एवं गाँधी ब्लॉक बेलघाट क्षेत्र को उच्च शिक्षा के प्रभाव में लाने, उसके प्रकाश से इसे प्रकाशित करने हेतु क्षेत्र के हित चिन्तक स्वपनदृष्टा पं0 हनुमान प्रसाद दुबे जी (एडवोकेट) के मन संकल्प का मूर्तरूप- पं0 हरिसहाय पी0 जी0 कॉलेज जैती बेलघाट गोरखपुर की स्थापना दिनांक 17-04-2003 दिन बृहस्पतिवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के तत्कालीन कुलपति-मूर्धन्य विद्वान , मनीषी,आचार्य प्रवर प्रो. रेवती रमण पाण्डेय की अध्यक्षता में पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह (वर्तमान रक्षा मंत्री भारत सरकार) के कार कमलों द्वारा हुई ! तब से लेकर अद्यावधि यह महाविद्यालय श्री अखिलेश दुबे जी (एडवोकेट) के कुशल प्रबन्धन में प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है!
प्रारम्भिक सत्र 2004-05 में इस महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संवर्ग के सात विषयों-हिन्दी, अंग्रजी, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, एवं प्राचीन इतिहास की मान्यता थी किन्तु आज शिक्षाशास्त्र, संस्कृत, गृहविज्ञान उर्दू, ललितकला एवं भूगोल सहित स्नातक स्तरपर तेरह विषयों, परास्नातक स्तर पर राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र, शिक्षाशास्त्र, प्राचीन इतिहास, गृहविज्ञान एवं हिन्दी छः विषयों, स्नातक स्तर पर वाणिज्य संकाय के अन्तर्गत बी0 कॉम0 एवं विज्ञान संकाय- बी0 एस-सी0 (बायो एवं मैथ), परास्नातक स्तर पर वाणिज्य संकाय के अन्तर्गत ए0कॉम0 की क\शिक्षा के साथ ही यहाँ बी0एड0 की कक्षाएं भी संचालित हो रही हैं ! महाविद्यालय के कंप्यूटर शिक्षा भी उपलब्ध है ! इस प्रकार यह महाविद्यालय उच्चशिक्षा देने के साथ ही तकनीकी क्षेत्र में रोजगार परक शिक्ष्हा देने का भी कार्य कार रहा है, जो इस साधनहीन पिछड़े इलाके के लिए वरदानवत है ! महाविद्यालय में बी0एड0 पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा है जो एन0आर0सी0एन०सी0टी0ई0, नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त तथा एस0सी0ई0आर0टी0, लखनऊ एवं दी0द0उ0गो0वि0वि0, गोरखपुर से सम्बध्द है !
~Our Aim(हमारा उद्देश्य )~
हमारा उद्देश्य है कि महाविद्यालय सम्बन्धित क्षेत्र के छात्र/छात्राओं को उच्च शिक्षा प्रदान करने की महती भूमिका में हो ! छात्र/छात्रों में पाठ्यक्रम के साथ ही पाठ्य सहगामी गति विधियों के द्वारा छात्रों में विविध कौशल का विकास हो !


